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Lahoo Ki Lau

युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

04 दिसंबर 2014

खरीद केंद्र में सड़ रहा मुच्छल

भाजपा को कोस रहे हैं किसान
डबवाली (लहू की लौ) पिछले तीन माह से किसान अच्छे दिनों की आस लिये गांव अबूबशहर में बने खरीद केंद्र में मुच्छल धान लिये बैठे हैं। मजबूर किसानों का धान औने-पौने दाम में खरीदने के लिये पंजाब, हरियाणा तथा राजस्थान के व्यापारी डोरे डाल रहे हैं। जिससे खरीद केंद्र में पड़ा हजारों क्विंटल धान सडऩे की कगार पर पहुंच गया है। जबकि मार्किट कमेटी 
कम लगा रहे भाव
किसान राजेंद्र कुमार, सिद्धार्थ, बिट्टू, छोटू राम, सोहन लाल, ओमप्रकाश ने बताया कि नहरी पानी तथा बिजली की कमी के चलते उन्होंने महंगा डीजल फूंककर अपनी फसल को बचाया। फसल बचाने के बाद जब वे उसे लेकर मंडी में आये हैं, तो उन्हें भाव नहीं मिल रहा। व्यापारी मात्र 1700 रूपये क्विंटल की दर से उनका मुच्छल धान खरीदने पर आमदा हैं। जोकि गलत है। पिछले करीब तीन माह से वे अपना घर छोड़कर मंडी में बैठे अपनी फसल संभाल रहे हैं।
सरकार को कोस रहे किसान
अबूबशहर स्थित खरीद केंद्र में करीब तीन हजार क्विंटल मुच्छल धान पड़ा है। किसान भाजपा सरकार को कोस रहे हैं। किसानों का कहना है कि अच्छे दिनों के सपने दिखाने वाली भाजपा सरकार ने उनके बुरे दिन ला दिये हैं। फसल न बिकने के कारण वे चारों ओर से कर्जदार हो गये हैं। किसानों ने बताया कि व्यापारी पहले उनकी फसल का 2000 रूपये प्रति क्विंटल का भाव लगा रहे थे। अब 1700 रूपये पर पहुंच गये हैं। जबकि दूसरी ओर मार्किट कमेटी अधिकारी उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे। किसानों ने कहा कि वे अगली बार मुच्छल धान की बिजाई हरगिज नहीं करेंगे। उन्होंने सवाल किया कि इन हालातों में आखिर वे कहां जायें?

यह बोले सचिव
गांव अबूबशहर खरीद केंद्र चालू नहीं है। लेकिन किसानों ने वहां मुच्छल धान ढेरी किया हुआ है। मैंने मौका देखा है। लेकिन जो भाव व्यापारी लगा रहे हैं, किसान उसके अनुसार अपनी फसल बेचने को तैयार नहीं। हां, यह सही है कि मंडी में धान आने पर बोली हमें करवानी होती है। किसानों की समस्या को दूर करने के प्रयास जारी हैं।
-हेतराम, सचिव,
मार्किट कमेटी, डबवाली

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